3 बड़े क्रिकेटर जिनका राजनीति की वजह से करियर खत्म हो गया

क्रिकेट पूरी दुनिया में काफी प्रसिद्ध हैं। क्रिकेटर्स को भी फैंस द्वारा काफी समर्थन मिलता है। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वो अपने देश का प्रतिनिधित्व करे। अब ये मौका कुछ ही खिलाड़ियों का मिल पाता है। जो इस मौके को भुना लेता है वो आगे बढ़ जाता है और कई साल तक उसे देश के लिए खेलने का मौका मिलता है। आपको ये बात तो पता होगी कि क्रिकेट के अंदर भी राजनीति होती है। इस राजनीति का शिकार भी कई खिलाड़ी होते हैं।

कुछ ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिनके प्रदर्शन में कोई कमी नहीं रही। जब भी उन्हें मौका मिला उन्होंने बेहतर खेल दिखाया। अच्छे प्रदर्शन के बाद भी ये खिलाड़ी टीम से बाहर हो गए। दरअसल ये खिलाड़ी क्रिकेट की राजनीति का शिकार हो गए और इनका करियर भी इस वजह से खत्म हो गया। आइए हम आपको उन तीन खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे जो राजनीति का शिकार हुए है।


1) केविन पीटरसन

केविन पीटरसन का करियर बहुत अच्छा रहा लेकिन अचानक से उन्हें मौके देना बंद कर दिया गया था। इंग्लैंड के लिए हमेशा मैच विनर पीटरसन रहे। दरअसल शुरूआत में इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने IPL को अपनाया नहीं था। इसके बाद पीटरसन ने इस फैसले पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद पीटरसन और मैनेजमेंट के रिश्ते खराब हो गए। एंड्रयू स्ट्रॉस और कोच एंडी फ्लावर के साथ भी पीटरसन की बिल्कुल नहीं बनी। पीटरसन ने भारत के खिलाफ अच्छा पदर्शन किया था लेकिन फिर भी उन्हें मौके नहीं दिए गए।

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2) अंबाती रायडू

साल 2019 रायडू के लिए काफी शानदार रहा था। अपने शानदार परफॉर्मेंस से टीम इंडिया में रायडू ने जगह पक्की कर ली थी। सभी को लगा कि टीम इंडिया को नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने वाला धुरंधर मिल गया। वर्ल्ड कप में भी रायडू का चयन लगभग पक्का लग रहा था। वर्ल्ड कप से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के मुकाबले में वो चल नहीं पाए। इसके बाद उनका सलेक्शन वर्ल्ड कप के लिए नहीं हुआ था। सभी ने इस पर नाराजगी भी जताई थी। रायडू ने भी फैसले का विरोध करते हुए क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया था।

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3) शोएब अख्तर

पाकिस्तानी क्रिकेट में काफी राजनीति होती है। आज भी कई खिलाड़ी इसका शिकार हो रहे हैं। इस गंदी राजनीति का शिकार शोएब अख्तर भी हुए थे। साल 2011 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ अख्तर को नहीं खिलाया गया था। ये बात खुद अख्तर ने कही थी कि वो इस मुकाबले के लिए फिट थे। मैनेजमेंट और कप्तान शाहिद आफरीदी शायद अख्तर को नहीं खिलाना चाहते थे। इसके बाद अख्तर पाकिस्तान के खिलाफ कभी नहीं खेल पाए और उनका करियर खत्म हो गया।

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Source: Sports

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