Lungs Problem: इस विटामिन की अधिकता लंग्स को कर सकती है खराब, फेफड़े के कैंसर तक का होता है खतरा

अमेरिकन जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार फेफड़ों के कैंसर के बढ़ते जोखिम के लिए विटामिन ए के तीन सप्लीमेंट्स का लंबे समय तक इस्तेमाल भी जिम्मेदार होता है। विटामिन ए में समाहित तीन तरह के तत्व जब सप्लीमेंट के जरिए शरीर में अधिक मात्रा में पहुंचने लगते हैं तो इसका सीधा असर लंग्स पर ही आता है।

विटामिन ए से जुड़े तीन कंपाउंड से लंग्स को खतरा
बीटा कैरोटीन एक डायटरी कंपाउंड है और विटामिन ए का एक महत्वपूर्ण स्रोत होता है। रेटिनॉल विटामिन ए का एक और व्युत्पन्न है और ल्यूटिन एक प्रकार का कार्बनिक वर्णक है जिसे कैरोटेनॉयड कहा जाता है। यह बीटा-कैरोटीन और विटामिन ए से संबंधित होता है।
नेचुरल चीजों से विटामिन ए लेना ठीक, लेकिन सप्लीमेंट से दिक्कत बढ़ती है
ये सारी ही चीजें नेचुरली फूड से भी मिलती हैं, लेकिन जब इनके सप्लीमेंट का लंबे समय तक यूज किया जाता है तो इससे फेफड़ों में दिक्कत शुरू हो जाती है। वाशिंगटन राज्य में वीटामिन्स एंड लाइफस्टाइल (वीआईटीएएल) कोहोर्ट स्टडी विटामिन ए के दुरुपयोग से लंग्स कैंसर की संभावना की बात सामने आई है।

फेफड़ों के कैंसर के लक्षण
लंबे वक्त तक खांसी का रहना
छाती में दर्द
सांस लेने में कठिनाई
खाँसी में खून आना
हर समय बहुत थकान महसूस करना
बिना किसी कारण के वजन कम होना
भूख न लगना
आवाज का बैठना

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। ‘पत्रिका’ इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।



Source: disease-and-conditions

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