चीन से बढ़ती टेंशन के बीच ताइवान का बड़ा फैसला, कंपल्सरी मिलिट्री सर्विस की अवधि बढकर होगी एक साल

चीन (China) और ताइवान (Taiwan) के बीच लंबे समय से टेंशन की जो स्थिति है, वो पिछले कुछ महीनों में और बढ़ी है। चीन का कहना है कि ताइवान पर उसका हक है और ताइवान का कहना है कि वो एक स्वतंत्र देश है। दुनिया के कई देश भी ताइवान को स्वतंत्र देश मानते हैं, जो चीन को पसंद नहीं है। बढ़ती टेंशन के बीच चीन ने पिछले कुछ महीनों से ताइवान बॉर्डर के आस-पास एक्टिविटी बढ़ा दी है। चीन पिछले कुछ महीनों में कई बार ताइवान की बॉर्डर के पास युद्धाभ्यास कर चुका है और ताइवान के एयर डिफेंस जोन में भी प्रवेश कर चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ताइवान ने आज एक बड़ा फैसला लिया है।

कंपल्सरी मिलिट्री सर्विस की अवधि बढ़ाई गई

ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन (Tsai Ing-wen) मंगलवार, 27 दिसंबर को फैसला लेते हुए इस बात की घोषणा की है कि ताइवान की कंपल्सरी मिलिट्री सर्विस की अवधि बढ़ाई जाएगी। इस अवधि को बढ़ाकर एक साल करने का फैसला लिया गया है।



यह भी पढ़ें- चीन में कोरोना के चलते हालात बदतर, 2 करोड़ युवा बेरोजगार



Source: Education

Share this:

You may have missed