जरूरत की खबर- सर्दियों में सुरक्षित यात्रा कैसे करें:पैकिंग में ध्यान रखें ये 11 बातें, न करें ये गलतियां, विंटर ट्रैवल चेकलिस्ट
भारत में सर्दियों का मौसम घूमने-फिरने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। जैसे-जैसे तापमान गिरता है, भारतीय परिवार बर्फीली जगहों की ओर यात्रा करना चाहते हैं। डिजिटल ट्रैवल एजेंसी Agoda के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में अंतरराष्ट्रीय पारिवारिक यात्राएं पिछले साल से 30% बढ़ी हैं। दिसंबर–फरवरी के मौसम में देश-विदेश की यात्राएं बढ़ जाती हैं, और इसी दौरान स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी आम हो जाती हैं। ऐसे में सही तैयारी, खानपान और सुरक्षा उपाय पहले से जान लेना बेहद जरूरी है। इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. आशीष मेहरोत्रा, कंसल्टेंट, क्रिटिकल केयर, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर सवाल- सर्दियों में यात्रा से पहले पैकिंग करते वक्त किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- पैकिंग सर्दियों की यात्रा का सबसे अहम हिस्सा है। जिस जगह जा रहे हैं, वहां का तापमान पहले ही जान लें ताकि सही कपड़े चुन सकें। ठंडे इलाकों में थर्मल लेयर, मॉइस्चर-विकिंग मोजे और एक अच्छी क्वालिटी का विंटर कोट सबसे जरूरी होते हैं। इसके साथ टोपी, दस्ताने, मफलर और वॉटरप्रूफ बूट्स रखें, जिससे शरीर पूरे समय गरम और सूखा रहे। इसके अलावा अपनी सभी दवाइयां, मोबाइल चार्जर, एक्सट्रा बैटरी, बेसिक टॉयलेटरीज और थोड़ा कैश हमेशा बैग में होना चाहिए। ठंड में फोन की बैटरी जल्दी खत्म होती है। इसलिए बैकअप रखना बेहद जरूरी है। सवाल- यात्रा के दौरान किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- कम तापमान, ठंडी हवा और बर्फीली सतहें सफर को चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं, खासकर तब जब शरीर पहले से तैयार न हो। इस मौसम में शरीर को गर्म रखना, पानी पीते रहना और जरूरत से ज्यादा थकान से बचना बहुत अहम हो जाता है। छोटी लेकिन समझदारी भरी तैयारियां जैसे सही जूते, स्किन केयर और हेल्थ से जुड़ी सावधानियां जरूरी हैं। विंटर ट्रैवल पर निकलने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखने से सफर न सिर्फ आसान होता है, बल्कि पूरी तरह एंजॉय भी किया जा सकता है। ग्राफिक से समझते हैं- सवाल- सड़क यात्रा के दौरान क्या सावधानियां बरतें? जवाब- रूट पहले से जान लें और जरूरी हो तो मैप की फिजिकल कॉपी रखें। कार में स्नैक्स, पानी, ब्लैंकेट, टॉर्च, बैटरी और फर्स्ट-एड किट जरूर रखें। टैंक को कभी आधे से कम न होने दें। बर्फबारी या तूफान में ड्राइविंग अवॉइड करें। सवाल- यात्रा के दौरान क्या खाएं? जवाब- ताजे फल, मौसमी सब्जियां, गरम सूप, दलिया और खिचड़ी शरीर को ऊर्जा और गर्माहट देते हैं। विटामिन C वाले फल जैसे संतरा, अमरूद, कीवी इम्यूनिटी बढ़ाते हैं। नट्स और बीज यात्रा में साथ रखें। बार-बार चाय-कॉफी या अल्कोहल लेने से डीहाइड्रेशन बढ़ सकता है, इसलिए इनसे दूरी बनाएं। गरम पानी हमेशा साथ रखें। सवाल- क्या ठंडी जगह पहुंचते ही घूमने निकल जाना चाहिए? जवाब- नहीं, पहले शरीर को थोड़ा आराम दें। नई जगह का तापमान शरीर को तुरंत सूट नहीं करता। थोड़ी देर आराम करने से शरीर धीरे-धीरे मौसम के हिसाब से खुद को ढालता है और सिरदर्द, थकान या सांस की तकलीफ जैसी समस्याओं से बचाता है। सवाल- पुरानी बीमारी होने पर क्या विशेष सावधानियां जरूरी हैं? जवाब- यात्रा से पहले अपनी सेहत की जांच करवा लें। अस्थमा, डायबिटीज, दिल की बीमारी या आर्थराइटिस होने पर डॉक्टर से सलाह लें और सभी दवाइयां साथ रखें। रेयनॉड्स डिजीज या जोड़ संबंधी दर्द वाले लोगों को ज्यादा गर्म कपड़े पहनने चाहिए और लंबे समय तक ठंड में नहीं रहना चाहिए। सर्दियों में यात्रा करने से जुड़े कॉमन सवाल और जवाब सवाल- क्या सर्दियों में यात्रा से अस्थमा, साइनस या सांस की समस्या बढ़ सकती है? जवाब- ठंडी और ड्राई हवा कई बार सांस लेने में दिक्कत बढ़ा सकती है। ऐसे लोगों को मास्क पहनना, गरम पानी पीना और दवाइयां समय पर लेना जरूरी है। सवाल- बच्चों और बुजुर्गों को सर्दियों में यात्रा कराना सुरक्षित है? जवाब- हां, अगर सही कपड़े, गरम पानी और नियमित दवाइयां साथ हों तो यात्रा सुरक्षित रहती है। कमजोर इम्यूनिटी के चलते उन्हें भरपूर आराम और गर्माहट देना जरूरी है। सवाल- क्या ठंड में यात्रा दिल के मरीजों के लिए चुनौती है? जवाब- ठंड में ब्लड वैसल्स सिकुड़ती हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। इसलिए दिल के मरीजों को दवाइयां समय पर लेनी चाहिए। ठंड में ज्यादा देर न रुकें और किसी भी असहजता पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। सवाल- सर्दियों में यात्रा के दौरान नींद की कमी सेहत को कैसे प्रभावित कर सकती है? जवाब- नींद पूरी न होने से थकान, इम्यूनिटी में कमी और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। यात्रा के दौरान रोज पर्याप्त नींद लेने और सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम रखना जरूरी है। सवाल- क्या सर्दियों में यात्रा के दौरान स्किन एलर्जी या रैशेज का खतरा रहता है? जवाब- ठंड और ड्राई एयर के कारण स्किन ज्यादा सेंसिटिव हो जाती है। लंबे समय तक ड्राईनेस रहने से खुजली, रैशेज या एलर्जी हो सकती है। इसलिए मॉइस्चराइजर का नियमित इस्तेमाल करें और बहुत गरम पानी से नहाने से बचें। सवाल- सर्दियों में यात्रा के दौरान बच्चों में डिहाइड्रेशन कैसे पहचानें? जवाब- ठंड में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को पानी की जरूरत रहती है। बच्चों में कम पेशाब, ड्राई लिप्स या सुस्ती डिहाइड्रेशन के संकेत हो सकते हैं। उन्हें नियमित अंतराल पर पानी या गुनगुने तरल पदार्थ देते रहें। ………………. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए… जरूरत की खबर- क्या ठंड में मोजा पहनकर सोना सही:बॉडी रहती गर्म, नहीं होते हॉट फ्लैशेज, डॉक्टर से जानें किन्हें नहीं पहनना चाहिए? कई बार ऐसा होता है कि रात में सोते समय अचानक नींद टूट जाती है। स्लीप एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके पीछे एक कारण कोल्ड फीट भी हो सकता है। कोल्ड फीट यानी पैरों का अचानक बहुत ठंडा हो जाना।सर्दियों के मौसम में कोल्ड फीट से बचने का सबसे आसान तरीका है, रात में मोजे पहनकर सोना। लेकिन सवाल ये है कि क्या ये हेल्दी प्रैक्टिस है? पूरी खबर पढ़िए…
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