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बुक रिव्यू- आसान शब्दों में समझें, निवेश क्या है:पैसे और लाइफ के बीच कैसे बनाएं बैलेंस, बेस्ट लाइफ के लिए बेस्ट इन्वेस्टमेंट

किताब- द जॉइज ऑफ कम्पाउंडिंग (ताउम्र सीखने का जुनून) लेखक- गौतम बैद अनुवाद- अखिलेश अवस्थी प्रकाशक- मंजुल प्रकाशन मूल्य- 799 रुपए अक्सर लोग काम और पैसे के बीच जीवन में संतुलन नहीं बना पाते हैं। इसी उलझन को सुलझाने के लिए मशहूर लेखक गौतम बैद ने ‘द जॉइज ऑफ कम्पाउंडिंग: ताउम्र सीखने का जुनून’ नामक किताब लिखी है। यह एक इंटरनेशनल बेस्टसेलर किताब है। यह किताब वैल्यू इन्वेस्टिंग और जीवन में निरंतर सीखने की शक्ति को एक साथ जोड़ती है। ये किताब केवल निवेश के सिद्धांतों को नहीं समझाती है। यह बताती है कि कैसे छोटे-छोटे प्रयास और सही आदतें लंबे समय में कम्पाउंडिंग से अद्भुत परिणाम दे सकती हैं। निवेश में कंपाउंडिंग का मतलब होता है- मूल रकम के साथ ब्याज पर भी ब्याज मिले। इसी तरह जीवन में छोटे-छोटे प्रयास जब लगातार दोहराए जाते हैं, तो वे समय के साथ कई गुना प्रभाव डालते हैं। गौतम बैद भारत के टॉप इक्विटी निवेश फर्म ‘स्टेलर वेल्थ पार्टनर्स इंडिया’ के मैनेजिंग पार्टनर और फंड मैनेजर हैं। किताब में उन्होंने वॉरेन बफेट, चार्ली मंगर और बेंजामिन ग्राहम जैसे दिग्गज इन्वेस्टर्स के विचारों को शामिल किया गया है। पुस्तक का उद्देश्य ‘द जॉइज ऑफ कम्पाउंडिंग’ का मुख्य उद्देश्य पाठकों को यह समझाना है कि कम्पाउंडिंग का सिद्धांत केवल फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट तक सीमित नहीं है। यह ज्ञान, स्वास्थ्य, आदतों और सामाजिक संबंधों जैसे जीवन के विभिन्न पहलुओं में भी लागू होता है। गौतम बैद निवेश और जीवन के सबक को एक साथ जोड़ते हैं। वे बताते हैं कि कैसे छोटे-छोटे कदम (जैसे रोजाना पढ़ना, अच्छी आदतें अपनाना और सही लोगों के साथ समय बिताना) कम्पाउंडिंग के जरिए जीवन को बदल सकते हैं। किताब पाठकों को प्रेरित करती है कि वे अपने जीवन में निरंतर सीखते रहें और खुद में सुधार करते रहें। किताब के जरूरी सबक यह किताब वॉरेन बफेट, चार्ली मंगर और बेंजामिन ग्राहम जैसे इन्वेस्टिंग लीजेंड्स के सिद्धांतों पर आधारित है। गौतम बैद ने इन सिद्धांतों को निवेश के साथ-साथ जीवन के हर पहलू में इस्तेमाल करने का आसान और व्यावहारिक तरीका बताया है। किताब हमें सिखाती है कि कैसे छोटे-छोटे कदम (जैसे रोजाना 25 पेज पढ़ना, जो एक साल में 9,000 पेज के बराबर हो सकता है) जीवन को बदल सकता है। यह किताब निवेश के साथ-साथ पर्सनल ग्रोथ, सोचने के सही तरीकों और नैतिक मूल्यों पर भी फोकस करती है। यह हमें सिखाती है कि विनम्रता, परोपकारिता और दीर्घकालिक सोच जीवन और निवेश दोनों क्षेत्रों में असली सफलता दिलाती है। किताब के 5 मुख्य हिस्से यह किताब कुल पांच हिस्सों में बंटी हुई है, जो जिंदगी और पैसों से जुड़े बेहतर फैसले लेने में मदद करती है। पहला हिस्सा ‘सांसारिक ज्ञान प्राप्त करना’ है। ये हिस्सा हमें बताता है कि हमेशा कुछ नया सीखते रहना और सोचने के सही तरीके को अपनाना क्यों जरूरी है। दूसरा हिस्सा ‘मजबूत चरित्र निर्माण’ पर है। इसमें विनम्रता, नैतिकता और दूसरों की मदद जैसे अच्छे गुणों को अपनाने की बात की गई है। किताब का तीसरा हिस्सा ‘शेयरों में सामान्य निवेश’ है। इसमें बताया गया है कि शेयर बाजार में समझदारी से निवेश कैसे करें और अच्छा रिटर्न कैसे पाएं। चौथे हिस्सा ‘पोर्टफोलियो प्रबंधन’ का है। इसमें बताया गया है कि अपने निवेश को लंबे समय तक कैसे बनाए रखें और जोखिम को कैसे संभालें। आखिरी हिस्सा ‘निर्णय लेना’ हमें सिखाता है कि सही फैसले लेने के लिए चेकलिस्ट बनाना, लिखकर सोचना और पॉजिटिव सोचना कितना जरूरी है। किताब की शैली किताब की लेखन शैली काफी इंस्पायरिंग है। गौतम बैद ने जटिल निवेश सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाया है। किताब में कोट्स और रियल लाइफ के उदाहरण शामिल हैं, जो इसे आकर्षक बनाते हैं। लेखक की स्पष्ट और तार्किक लेखन शैली पाठकों को गहरी सोच के लिए प्रेरित करती है। हालांकि किताब में वॉरेन बफेट और मंगर के कोट्स पर अधिक निर्भरता है। लेकिन फिर भी यह एक शानदार किताब है। यह किताब किसे पढ़नी चाहिए? यह किताब उन लोगों के लिए है, जो निवेश की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं। साथ ही जो अपनी पर्सनल और फाइनेंशियल लाइफ में सुधार करना चाहते हैं। अगर आपको सेल्फ इम्प्रूवमेंट, वैल्यू इन्वेस्टिंग और लॉन्ग टर्म थिंकिंग की किताबें पसंद हैं, तो आपको ये किताब जरूर पढ़नी चाहिए। यह किताब उन सभी के लिए उपयोगी है, जो अपने जीवन में चक्रवृद्धि के जादू को समझना और लागू करना चाहते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- किताब के बारे में मेरी राय ‘द जॉइज ऑफ कम्पाउंडिंग’ एक ऐसी किताब है, जो न केवल निवेश के बारे में सिखाती है, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने के लिए एक रोडमैप भी देती है। गौतम बैद ने निवेश और पर्सनल ग्रोथ को एक साथ जोड़कर एक अनूठा दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। यह किताब उन लोगों के लिए अच्छी है, जो अपनी सोच को विस्तार देना चाहते हैं। किताब की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह जटिल विचारों को सरल और प्रेरणादायक तरीके से पेश करती है। …………… ये बुक रिव्यू भी पढ़िए बुक रिव्यू- सफलता के लिए जरूरी चार पुरुषार्थ: धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की मॉडर्न व्याख्या, भारतीय दर्शन समझना है तो ये किताब पढ़ें ‘इकिगाई’ किताब से दुनिया भर के लोगों को लंबी और खुशहाल जिंदगी का राज बताने वाले लेखक हेक्टर गार्सिया और फ्रांसेस्क मिरालेस अब भारत की प्राचीनता की ओर मुड़े हैं। उनकी नई किताब ‘चार पुरुषार्थ’ हिंदू दर्शन के उन चार लक्ष्यों पर आधारित है, जिन्हें हर इंसान की जिंदगी का आधार माना जाता है- धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष। पूरी खबर पढ़िए…

Source: Lifestyle

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