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दौड़ का नया दौर:देश में 30% मैराथन बढ़े, अब हर तीसरा रनर जेन-जी

कोविड के बाद भारत में एक बदलाव आया…… लोग जिम से बाहर निकले और सड़कों पर दौड़ने लगे। रनिंग अब शहरी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुकी है। टाटा मुंबई मैराथन की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार उनकी 2019 मैराथन में लगभग 47,000 प्रतिभागी थे जो 2025 में बढ़कर 65 हजार हो गए। यानी करीब 30% की वृद्धि। 2025 में देशभर में 1,500 से ज्यादा रनिंग इवेंट आयोजित हुए। अनुमान है कि इस पूरे इकोसिस्टम से करीब 50 करोड़ डॉलर (लगभग 4,000 करोड़ रुपए) का आर्थिक प्रभाव पड़ा। इसमें स्पोर्ट्स ब्रांड्स, कॉर्पोरेट स्पॉन्सर, होटल, ट्रैवल, इवेंट मैनेजमेंट, न्यूट्रिशन और फिटनेस गैजेट मार्केट शामिल हैं, यानी रनिंग अब एक इंडस्ट्री बन चुकी है। लोकप्रियता: 2025 में रनिंग स्पोर्ट ऑफ द ईयर स्ट्रावा ईयर इन स्पोर्ट ट्रेंड रिपोर्ट के अनुसार 2025 में रनिंग दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल बना और इसमें सबसे बड़ा ग्रुप युवाओं का रहा। भागीदारी: मैराथन में जेन-जी सबसे आगे मतलब हर बड़ी कैटेगरी में लगभग एक-तिहाई या उससे ज्यादा भागीदारी जेन-जी की। – 38% 5 किलोमीटर रेस में – 39% 10 किलोमीटर में – 31% हाफ मैराथन में – 33% फुल मैराथन में ग्रोथ: 20 साल में 250 गुना बढ़े रनर्स 2004 में देश में रजिस्टर्ड रनर्स लगभग 10 हजार ही थे। 2025 तक यह संख्या 25 लाख हो गई है, यानी दो दशकों में 250 गुना वृद्धि। इवेंट: 800 टाइम्ड रेस, 700+ रन क्लब भारत में अब कम से कम 800 टाइम्ड रनिंग इवेंट होते हैं और 700 से ज्यादा रन क्लब मौजूद हैं। रनिंग अब संगठित इकोसिस्टम बन चुकी है, सिर्फ मैराथन डे इवेंट नहीं रहे. बल्कि कम्युनिटी रनिंग भी प्रचलित हो रही है। वैश्विक ट्रेंड: मैराथन ही नया ‘स्टेटस सिंबल’ न्यूयॉर्क सिटी मैराथन 2025 में 59,226 प्रतिभागी थे। इनमें से लगभग 11,000 (करीब 25%) 25–29 साल के युवा। 2022 में 30 साल से कम उम्र के फिनिशर सिर्फ 17% थे। मतलब 3 साल में युवा भागीदारी में बड़ा उछाल।

Source: Sports

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