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जरूरत की खबर- काला लहसुन है सेहत का खजाना:ज्यादा एंटीऑक्सिडेंट, पचने में आसान, जानें हेल्थ बेनिफिट्स, किन्हें नहीं खाना चाहिए

लहसुन से तो आप परिचित ही होंगे। ये हमारी रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा है। इसके हेल्थ बेनिफिट्स भी किसी से छुपे नहीं हैं। लेकिन क्या आपने कभी ‘काले लहसुन’ के बारे में सुना है। यह नाम सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है।
साइंस जर्नल ‘इनटेक ओपन’ में पब्लिश एक स्टडी के अनुसार, नियमित एक्सरसाइज के साथ काला लहसुन खाने से विसरल फैट और लिवर इंफ्लेमेशन को कम करने में मदद मिल सकती है। इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइडटुडे’ सवाल- काला लहसुन क्या है? जवाब- काला लहसुन असल में कच्चा लहसुन ही होता है। इसे कई हफ्तों तक हल्की गर्मी और ज्यादा नमी में रखा जाता है। इस प्रक्रिया को मेलार्ड रिएक्शन कहते हैं, जिसमें लहसुन की कलियां धीरे-धीरे काली हो जाती हैं। इस दौरान लहसुन का स्वाद बदल जाता है। इसके बाद इसका स्वाद तीखा नहीं रहता, बल्कि थोड़ा नरम और मीठा हो जाता है। कुल मिलाकर रेगुलर सफेद लहसुन मेलार्ड रिएक्शन के बाद काला लहसुन बन जाता है। सवाल- काले लहसुन और रेगुलर लहसुन में क्या अंतर है? जवाब- काला लहसुन और रेगुलर लहसुन दिखने में, स्वाद और प्रोसेसिंग के मामले में एक-दूसरे से अलग होता है। दोनों के गुण अलग हैं, इसलिए इनके फायदे और इस्तेमाल भी अलग-अलग हैं। ग्राफिक से दोनों के अंतर समझते हैं- सवाल- काले लहसुन की न्यूट्रिशनल वैल्यू क्या है? जवाब- सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि 15 ग्राम छिले हुए काले लहसुन में करीब 20 कैलोरी होती है। इसमें विटामिन C और B-कॉम्प्लेक्स भी होते हैं। इसके अलावा काले लहसुन में फोलेट, कैल्शियम, मैंगनीज, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, जिंक और आयरन जैसे महत्वपूर्ण मिनरल्स भी होते हैं। कच्चे लहसुन की तरह इसमें भी अमीनो एसिड, फाइटोन्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सिडेंट्स मौजूद होते हैं। बस फर्मेंटेशन की प्रक्रिया से उनकी मात्रा बदल जाती है। नीचे दिए ग्राफिक से 15 ग्राम छिले हुए काले लहसुन की न्यूट्रिशनल वैल्यू समझिए- सवाल- काले लहसुन के हेल्थ बेनिफिट्स क्या होते हैं? जवाब- काले लहसुन को एजिंग और फर्मेंटेशन की प्रक्रिया से तैयार किया जाता है। इसी वजह से इसमें एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण ज्यादा मजबूत हो जाते हैं। काले लहसुन में रेगुलर लहसुन की तुलना में एस-एलिल सिस्टीन (SAC) जैसे आर्गेनोसल्फर कंपाउंड्स और एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा ज्यादा होती है। इसकी एजिंग की प्रक्रिया लहसुन के गुणों को और असरदार बनाती है, जिससे यह ओवरऑल हेल्थ के लिए एक पावरफुल नेचुरल सप्लीमेंट बन जाता है। सवाल- क्या काला लहसुन रेगुलर लहसुन से ज्यादा फायदेमंद होता है? जवाब- कई मामलों में काला लहसुन रेगुलर लहसुन से ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। फर्मेंटेशन की वजह से काले लहसुन में एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा बढ़ जाती है। इसका स्वाद हल्का होता है, यह पचने में आसान होता है और इसमें लहसुन वाली तेज गंध भी नहीं होती है। वहीं रेगुलर लहसुन में एलिसिन की मात्रा ज्यादा होती है, जो इंफेक्शन से लड़ने और इम्यूनिटी बढ़ाने में बहुत प्रभावी माना जाता है। सवाल- क्या काला लहसुन बाजार में आसानी से मिल जाता है? जवाब- हां, काला लहसुन आजकल बाजार में आसानी से मिल जाता है। कुछ सुपरमार्केट और हेल्थ फूड स्टोर से भी इसे आसानी से खरीदा जा सकता है। इसके अतिरिक्त ये ऑनलाइन पर भी उपलब्ध है। सवाल- काला लहसुन किन्हें नहीं खाना चाहिए? जवाब- काला लहसुन आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ लोगों को इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए। ग्राफिक में देखिए, किन्हें इसके सेवन से बचना चाहिए- सवाल- काला लहसुन घर पर कैसे बनाएं? जवाब- काला लहसुन घर पर आसानी से बनाया जा सकता है। पूरी प्रक्रिया समझिए- राइस कुकर में काला लहसुन बनाने का तरीका सवाल- काला लहसुन का इस्तेमाल कैसे करें? जवाब- काले लहसुन का स्वाद अलग होता है। ये चबाने पर थोड़ा चिपचिपा लगता है, जो इसे रेगुलर लहसुन से अलग बनाता है। इसके इस्तेमाल के कुछ तरीके नीचे दिए पॉइंटर्स से समझिए- …………………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर– सुबह उठकर खाली पेट पहले पानी पिएं:जानें इसके 11 हेल्थ बेनिफिट्स, पीने का सही तरीका, पीते हुए न करें ये 7 गलतियां हम हमेशा से ये सुनते आए हैं कि सुबह खाली पेट पानी पीना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये आदत बॉडी को रीस्टार्ट का मैसेज देती है। कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स इस आदत को ‘साइलेंट हीलर’ भी कहते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Source: Lifestyle

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