जरूरत की खबर- गर्मी में ओवरहीट हो सकते हैं गैजेट्स:ब्लास्ट का रिस्क, जानें डिवाइस को कैसे रखें कूल, फोन में ऑन करें ये सेटिंग
नौतपा में तापमान 45°C के आसपास पहुंच जाता है। इसका असर हमारे साथ–साथ हमारे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर भी पड़ता है। वो भी ओवरहीट हो सकते हैं। इस दौरान मोबाइल, लैपटॉप, ईयरबड्स या पावर बैंक जल्दी गर्म होते हैं। इससे बैटरी डैमेज, लो परफॉर्मेंस या अचानक डिवाइस बंद होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि- एक्सपर्ट: आशीष जायसवाल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियर, NTPC सवाल- फोन में हीट कैसे बनती है? जवाब- आपने एनर्जी का एक प्रिंसिपल पढ़ा या सुना होगा, E = mc2. इसका मतलब होता है कि ऊर्जा न बनाई जा सकती है, न खत्म होती है, ये सिर्फ बदल जाती है। हमारा फोन भी इसी प्रिसिंपल पर काम करता है। जब फोन यूज होता है तो बैटरी में स्टोर एनर्जी हीट में बदल जाती है। सवाल- नौतपा में मोबाइल/गैजेट्स ज्यादा गर्म क्यों होते हैं? जवाब- हीट का प्रिसिंपल होता है- ये ज्यादा से कम की ओर ट्रैवल करती है। नौतपा में बाहर का टेम्परेचर बहुत ज्यादा होता है। ऐसे में फोन गर्म होने पर ये हीट वातावरण में ट्रांसफर नहीं हो पाती है। इसलिए फोन ज्यादा गर्म होता है। सवाल- किन गैजेट्स में ओवरहीटिंग का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- कुछ गैजेट्स में बैटरी और प्रोसेसर का कॉम्बिनेशन होता है, इससे हीट ज्यादा जेनरेट होती है। अगर ये लगातार इस्तेमाल हों तो ओवरहीटिंग का रिस्क बढ़ जाता है। ऐसी सभी डिवाइस की लिस्ट ग्राफिक में देखिए- सवाल- ओवरहीटिंग से गैजेट्स को क्या नुकसान हो सकता है? जवाब- ये गैजेट की लाइफ कम कर सकती है। सभी नुकसान ग्राफिक में देखिए- सवाल- गैजेट्स को ओवरहीटिंग से कैसे बचाएं? जवाब- गर्मियों में गैजेट्स को ओवरहीटिंग से बचाने के लिए कुछ आसान उपाय किए जा सकते हैं। ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या हीटिंग कम करने के लिए फोन की सेटिंग में कोई बदलाव कर सकते हैं? जवाब- हां, फोन की सेटिंग्स में कुछ बदलाव करके हीट जनरेशन को काफी हद तक कम किया जा सकता हैं। जैसे- क्या न करें? सवाल- फोन के गर्म होने की सामान्य लिमिट क्या है? जवाब- फोन का हल्का गर्म होना सामान्य है। इसकी एक सेफ लिमिट होती है। पॉइंटर्स से समझते हैं- सवाल- कब समझें कि फोन ओवरहीट हो रहा है? जवाब- यह समझने के लिए कुछ स्पष्ट संकेत होते हैं, जैसे- तो यह साफ संकेत है कि डिवाइस सेफ टेम्परेचर से ऊपर जा चुका है और ओवरहीट हो रहा है। सवाल- लोग फोन चार्ज करते हुए कौन-सी कॉमन गलतियां करते हैं? जवाब- लोग फोन चार्ज करते हुए कुछ कॉमन गलतियां कर देते हैं। इस वजह से फोन डैमेज होने का रिस्क बढ़ जाता है। ग्राफिक में सभी गलतियां देखिए- सवाल- क्या तेज धूप में फोन इस्तेमाल करना खतरनाक है? जवाब- हां, सीधी धूप में फोन की बॉडी और स्क्रीन तेजी से गर्म हो जाती है। इससे इंटरनल टेम्परेचर सेफ लिमिट (लगभग 40–45°C) से ऊपर जा सकता है। इस वजह से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। जैसे- सवाल- अगर गर्मी में फोन ओवरहीट हो जाए तो उसे ठंडा कैसे करें? जवाब- अगर गर्मी में फोन ओवरहीट हो जाए, तो उसे तुरंत ‘कूल डाउन’ करने के लिए कुछ सही कदम उठाने जरूरी हैें जैसे- ध्यान रखें कि ……………………………………… ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- नेशनल हाईवे पर चलती कार में आग:गर्मियों में बढ़ता रिस्क, ओवरहीटिंग के 10 संकेत, कार को ठंडा रखने के 8 टिप्स 27 अप्रैल को बटाला-अमृतसर नेशनल हाईवे पर चलती कार आग का गोला बन गई। ऐसा ही एक हादसा जालौन (यूपी) के नेशनल हाईवे-27 पर भी हुआ, जहां कार में अचानक आग लग गई। दोनों हादसों की वजह भीषण गर्मी और शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। गनीमत ये रही कि दोनों हादसों में जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। पूरी खबर पढ़ें…
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