किन्नर काजल किरन ने पर्चा दाखिल कर प्रधानी के लिए भरी हुंकार, विधायकी का चुनाव लड़ने के साथ ही कानपुर से रह चुकीं पार्षद

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. यूपी के पंचायत चुनाव (Panchayat Chunav) की रंगत अलग ही दिख रही है। गांव-गांव प्रत्याशी मतदाताओं से संपर्क में दिन रात जुटे हैं। प्रथम बार चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों में भरपूर जोश खरोश दिख रहा है। वहीं कानपुर के बिधनू विकास खंड की सेन पश्चिम पारा ग्राम पंचायत से एक ऐसी किन्नर प्रत्याशी (Kinnar Pratyashi) मंगलामुखी काजल किरण चुनाव मैदान में उतरीं, जो विधायकी का चुनाव लड़ चुकी हैं। इसके अतिरिक्त शहर के वार्ड 48 से पार्षद भी रह चुकी हैं। उनका कहना है कि शहर के भागदौड़ वातावरण से हटकर अब वह गांव के प्रधान पद पर चुनाव लड़ेंगी और गांव की कायाकल्प करेंगी। काजल के चुनाव मैदान में आने से चुनाव रोमांचक होने का अनुमान है। रविवार को काजल ने नामांकन दाखिल किया है।

काजल मंगलामुखी समाज की राष्ट्रीय महासचिव भी हैं। काजल किरन बीते 2006 में कानपुर के वार्ड 48 पशुपतिनगर जोकि अब 66 है, वहां से भारी मतों से जीतकर पार्षद चुनी गई थीं। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र का विकास किया। वर्ष 2012 में उन्होंने महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। काजल को जीत भले न मिली हो लेकिन जनता ने उन्हें सम्मानजनक वोट जरूर दिए थे। इस बार वो गांव से किस्मत आजमा रही हैं।

उन्होंने कहा कि गांव को हर मूलभूत सुविधा से पूर्ण करने का संकल्प लिया हैं। आपको बता दें कि सेन पश्चिम पारा मंगलामुखी समाज का पुश्तैनी गांव है। यहां वर्षों पहले कई मंगलामुखी रहते थे, लेकिन बाद में शहर चले गए। एक वर्ष पहले फत्तेपुरगोही रोड पर मकान बनवाकर वह स्थायी रूप से अब गांव में रह रही हैं। बता दें कि सेन पश्चिमपारा ग्राम पंचायत में प्रधान पद के लिए शनिवार तक चार लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। रविवार को मंगलामुखी काजल किरन के पांचवें उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है। अब गांव में काजल के चुनाव मैदान में उतरने से चर्चा तेज है।



Source: Education

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