'राय या एग्जिट पोल पर कोई प्रतिबंध नहीं', लोकसभा में बोले कानून मंत्री रिजिजू

केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने शुक्रवार यानी आज इस बात से इनकार किया कि ओपिनियन और एग्जिट पोल पर रोक लगाने का कोई प्रस्ताव पर सरकार विचार कर रही है। लोकसभा में एक सवाल किया गया कि क्या सरकार चुनावों की घोषणा के बाद ओपिनियन और एग्जिट पोल पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है? जिसका जवाब देते हुए किरण रिजिजू ने कहा कि “इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है। ओपिनियन पोल पर प्रतिबंध लगाने पर सरकार विचार नहीं कर रही है।”

कानून मंत्री ने कहा “देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए वोटिंग से पहले सभी प्रकार के एग्जिट पोल के परिणाम को दिखाने या प्रिंट करने पर प्रतिबंध है। वोटिंग के बाद राय या एग्जिट पोल पर कोई भी रोक नहीं है।”

हमेशा जिज्ञासु के साथ ही विवादास्पद विषय रहा है एग्जिट पोल
एग्जिट पोल सर्वेक्षणों की विश्वसनीयता हमेशा एक विवादास्पद लेकिन जिज्ञासु विषय रहा है। किसी भी राज्य के विधानसभा चुनाव या फिर लोकसभा चुनाव की वोटिंग के बाद सभी की निगाहें एग्जिट पोल पर ही रहती है। कई बार एग्जिट पोल पूरे तरह से गलत हुए हैं तो कई बार थोड़ा सही तो थोड़ा गलत साबित हुए हैं। वहीं कई बार तो एग्जिट पोल एकदम सही भी साबित हुए हैं। जो पार्टियां एग्जिट पोल में हारती हुई दिखाई जाती हैं वो एग्जिट पोल को नकार देते हैं और दो पार्टियां जीत रही होती हैं वो इसका स्वागत करते हैं।

 

चुनावों को प्रभावित करते हैं ओपिनियन पोल
ओपिनियन पोल को लेकर राजनीतिक पार्टियों के द्वारा चुनावों को प्रभावित करने के आरोप कोई नई बात नहीं है। आलोचकों का ओपिनियन पोल के दौरान पूछे गए प्रश्नों को लेकर अपने अलग-अलग राय रहते हैं। वहीं एग्जिट पोल पर इस आधार पर सवाल उठाया जाता है कि कितनों लोगों को एग्जिट पोल में शामिल किया गया है। एग्जिट पोल में जितना लोगों की संख्या ज्यादा रहती है उतना सही होने की उम्मीद रहती है। हालांकि अलग-अलग संस्थान अलग-अलग दावों के आधार पर अपने ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल सही होने के दावे करते हैं।

यह भी पढ़ें: कब सही और कब गलत हुए साबित एग्जिट पोल

 

आधार को मतदाता पहचान पत्र से लिंक नहीं करने पर नहीं कटेगा नाम
किरण रिजिजू ने बताया है कि आधार को मतदाता पहचान पत्र से जोड़ना पूरी तरह से स्वेच्छापूर्ण हैं। जिन मतदाताओं का मतदाता पहचान पत्र आधार कार्ड से लिंक नहीं है, उनका नाम मतदाता सूची से काटने का कोई विचार नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार ने मतदाता डाटाबेस के दुरुपयोग को रोकने के लिए AadharAct2016 के माध्यम से कई प्रावधान किए हैं।

 



Source: National

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