चंद्रयान-3 का लैंडर डिजाइन करने वाले ISRO वैज्ञानिक गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला

Fake ISRO Scientist: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 23 अगस्त को Chandrayaan-3 की चांद के दक्षिणी ध्रुव में सफल लैंडिंग की थी। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद दुनियाभर में इसरो के वैज्ञानिकों की जमकर तारीफ हो रही है। इसी बीच खबर आ रही है कि गुजरात पुलिस ने एक शख्स को सूरत शहर से गिरफ्तार किया है। यह शख्स खुद को इसरो का वैज्ञानिक बता रहा है। गिरफ्तार व्यक्ति ने दावा किया है कि चंद्रयान-3 का लैंडर मॉड्यूल डिजाइन किया है। पुलिस ने आरोपी के दावों की जांच पड़ताल की तो सब झूठा निकला। आइए जानते है आखिर पूरा मामला क्या है।


मीडिया को दे रहा था इंटरव्यू

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी शख्स का नाम मितुल त्रिवेदी है और उम्र 30 साल के करीब है। वह सूरत में अपनी ट्यूशन क्लासेज के लिए छात्रों को आकर्षित करने के लिए खुद को इसरो का वैज्ञानिक बता रहा था। 23 अगस्त को चंद्रयान-3 के मॉड्यूल को डिजाइन करने का दावा करते हुए त्रिवेदी ने विक्रम लैंडर के चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने के बाद स्थानीय मीडिया को इंटरव्यू दे रहा था। मामला सामने आने के बाद उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी।

फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिखाया

पुलिस को पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपी ने फर्जी कागजात भी बना रखे है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि त्रिवेदी ने इसरो के प्राचीन विज्ञान अनुप्रयोग विभाग के सहायक अध्यक्ष के रूप में खुद को पेश किया और एक फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिखाया। उसने इसरो कर्मचारी होने का झूठा दावा किया था। पुलिस की जांच पड़ताल में यह सब फर्जी निकला।

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पुलिस ने कई धाराओं में दर्ज किया मुकदमा

सूरत शहर की अपराध शाखा ने आरोपी के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार त्रिवेदी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी), 465 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), और 471 (जाली दस्तावेज को वास्तविक के रूप में इस्तेमाल करना) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।



Source: National

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