कार्निवोर डाइट से घटता है वजन, लेकिन पाचन पर पड़ता है दुष्प्रभाव

कार्निवोर डाइट जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह मांसाहार पर आधारित है, जैसे अंडे, मछली और चिकन। यह ऑल मीट डाइट है। इसमें जीरो काब्र्स होते हैं और प्रोटीन व फैट की मात्रा अधिक होती है। मसल्स बनाने और वजन कम करने में यह डाइट अहम भूमिका निभाती है।

 

इस डाइट में उन उत्पादों को शामिल किया जाता है जो मांस से संबंधित होती हैं। इसमें फल और सब्जियां नहीं खाए जाते हैं। हाई प्रोटीन होने की वजह से यह मसल्स को टोन करती है, लेकिन फाइबर नहीं मिलने से पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

 

कार्निवोर डाइट लंबी अवधि तक लेने के लिए अनहैल्दी है। वैसे भी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने स्वस्थ आहार को परिभाषित किया है जिसमें फल, सब्जियां, फलियां, नट, और साबुत अनाज शामिल हों।

 

कौन नहीं लें इसे
क्रॉनिक किडनी डिजीज, हाई कोलेस्ट्रॉल वाले मरीज और विशेष पोषक तत्त्वों की जरूरत वाले जैसे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए इस तरह की डाइट लेने की सख्ती से मनाही है।



Source: Health

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