जरूरत की खबर- गले में दर्द हो सकता है टॉन्सिलाइटिस:डॉक्टर से जानें ये क्या है, क्यों होता है, लक्षण और बचाव की जरूरी सावधानियां
आपने कभी-न-कभी गले में दर्द या खराश का अनुभव जरूर किया होगा। कई बार इसकी वजह से कुछ भी निगलने में परेशानी होती है और बोलना तक मुश्किल हो जाता है। अक्सर हम इसे मामूली खराश समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार इसके पीछे टॉन्सिलाइटिस की समस्या हो सकती है। टॉन्सिल हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम का एक अहम हिस्सा होते हैं। ये बाहर से आने वाले बैक्टीरिया-वायरस को रोकने का काम करते हैं। लेकिन जब टॉन्सिल्स में इन्फेक्शन हो जाता है तो इनमें इंफ्लेमेशन और दर्द जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। इसे ही टॉन्सिलाइटिस कहते हैं। अगर समय पर इलाज न हो तो आगे चलकर टॉन्सिलाइटिस गंभीर परेशानियों का कारण बन सकता है। हालांकि सही जानकारी और समय रहते सही कदम उठाने से इससे जल्द राहत मिल सकती है। तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम टॉन्सिलाइटिस के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. नित्या सुब्रमण्यम, सीनियर कंसल्टेंट, ENT, हेड एंड नेक सर्जरी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल- टॉन्सिल क्या होते हैं और ये शरीर में क्या काम करते हैं? जवाब- टॉन्सिल गले के पीछे दोनों तरफ मौजूद दो छोटे सॉफ्ट टिश्यू होते हैं। ये हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम का हिस्सा होते हैं। इनका मुख्य काम मुंह और नाक के रास्ते शरीर में प्रवेश करने वाले बैक्टीरिया-वायरस को रोकना होता है। टॉन्सिल संक्रमण से लड़ने में शरीर की मदद करते हैं और हमें बीमार होने से बचाते हैं। सवाल- टॉन्सिलाइटिस क्या है? जवाब- टॉन्सिलाइटिस वह स्थिति है, जब टॉन्सिल में संक्रमण हो जाता है। इसके कारण टॉन्सिल्स में इंफ्लेमेशन और रेडनेस हो जाती है। साथ ही दर्द भी होता है। टॉन्सिलाइटिस में गले में तेज खराश, निगलने में परेशानी और बुखार हो सकता है। कभी–कभी टॉन्सिल पर सफेद दाग भी दिखाई देते हैं। यह समस्या वायरस या बैक्टीरिया दोनों की वजह से हो सकती है। सवाल- टॉन्सिलाइटिस क्यों होता है? जवाब- टॉन्सिलाइटिस तब होता है, जब टॉन्सिल पर वायरस या बैक्टीरिया का संक्रमण हो जाता है। ज्यादातर मामलों में इसकी वजह सर्दी-जुकाम या फ्लू जैसे वायरल इन्फेक्शन होते हैं। कुछ मामलों में यह ग्रुप-A स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया (आमतौर पर गले और त्वचा में पाए जाने वाले बैक्टीरिया) के कारण होता है। ये बैक्टीरिया अक्सर संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। सवाल- टॉन्सिलाइटिस के लक्षण क्या होते हैं? जवाब- टॉन्सिलाइटिस में गले और टॉन्सिल से जुड़ी कुछ समस्याएं होती हैं, जो हमारी रोजमर्रा की लाइफ को प्रभावित करती हैं। इसके लक्षण नीचे दिए ग्राफिक समझिए- सवाल- क्या टॉन्सिलाइटिस एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है? जवाब- हां, टॉन्सिलाइटिस पैदा करने वाले वायरस और बैक्टीरिया बहुत ज्यादा संक्रामक होते हैं। ये कई तरीकों से फैल सकते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- टॉन्सिलाइटिस का रिस्क किन लोगों को ज्यादा होता है? जवाब- टॉन्सिलाइटिस ज्यादातर बच्चों और किशोरों में होता है। इसके अलावा वे लोग भी इससे प्रभावित होते हैं, जो स्कूल-ऑफिस जाते हैं या भीड़भाड़ वाली जगहों पर रहते हैं। यहां संक्रमण जल्दी फैलता है। पहले से बीमार या कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में इसका रिस्क ज्यादा होता है। सवाल- टॉन्सिलाइटिस काे इग्नोर करने पर किस तरह का कॉम्प्लिकेशन हो सकता है? जवाब- इससे कई समस्याओं का रिस्क हो सकता है। टॉन्सिल के आसपास पस जमा हो सकता है। इससे फोड़ा बन जाता है और मुंह खोलने या निगलने में तेज दर्द होता है। इसके अलावा सांस लेने में दिक्कत हो सकती है और नींद में खर्राटे की समस्या हो सकती है। बार-बार होने पर टॉन्सिल में स्टोन बन सकते हैं। अगर टॉन्सिलाइटिस का कारण बैक्टीरियल इंफेक्शन है, और समय पर उसका इलाज न किया जाए तो इंफेक्शन शरीर के दूसरे अंगों तक भी पहुंच सकता है। जैसे जोड़ों में दर्द व सूजन, किडनी में सूजन और स्कार्लेट फीवर (ग्रुप A स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया के कारण होने वाला इंफेक्शन) जैसी गंभीर स्थितियां हो सकती हैं। सवाल- क्या टॉन्सिलाइटिस का कोई घरेलू इलाज भी है? जवाब- हां, टॉन्सिलाइटिस में डॉक्टर की सलाह के साथ-साथ कुछ घरेलू उपाय लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- टॉन्सिलाइटिस से बचने के लिए किन बातों का ख्याल रखना जरूरी है? जवाब- टॉन्सिलाइटिस से पूरी तरह बचना मुश्किल है, क्योंकि यह काफी संक्रामक होता है। हालांकि सही साफ-सफाई और कुछ सावधानियां अपनाकर इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- टॉन्सिलाइटिस का पता लगाने के लिए कौन से टेस्ट किए जाते हैं? जवाब- इसके लिए डॉक्टर सबसे पहले गले की जांच करते हैं और लक्षणों के बारे में पूछते हैं। संक्रमण वायरल है या बैक्टीरियल, इसका पता लगाने के लिए गले से कॉटन स्वैब लेकर टेस्ट किया जाता है। इसी आधार पर आगे का इलाज तय किया जाता है। सवाल- टॉन्सिलाइटिस का इलाज क्या है? जवाब- इसका इलाज टॉन्सिलाइटिस के कारण पर निर्भर करता है। अगर इसका कारण वायरस है, तो ज्यादातर मामलों में आराम करने, लिक्विड डाइट लेने और पेन किलर लेने से यह अपने आप ठीक हो जाता है। अगर इसका कारण बैक्टीरिया है तो डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाएं देते हैं। इसका कोर्स पूरा करना बहुत जरूरी है। इसके साथ बुखार और दर्द की दवाएं दी जाती हैं। गंभीर स्थिति में टॉन्सिल रिमूवल सर्जरी की सलाह भी दी जा सकती है। सवाल- टॉन्सिलाइटिस कितने दिन में ठीक हो जाता है? जवाब- टॉन्सिलाइटिस आमतौर पर 3 से 4 दिन में ठीक होने लगता है। लगभग एक हफ्ते में पूरी तरह ठीक हो जाता है। अगर यह बैक्टीरियल है तो 7 से 10 दिन लग सकते हैं। सवाल- किन स्थितियों में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है? जवाब- कुछ स्थितियों में तुरंत मेडिकल सलाह जरूरी होती है। जैसेकि- ………………
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Source: Lifestyle