fbpx

फिजिकल हेल्थ- बड़ी मेडिकल सर्जरी का फैसला कैसे लें:जानें सेकेंड ओपिनियन लेना क्यों जरूरी, पहले अपने डॉक्टर से पूछें ये 10 सवाल

फर्ज करिए कि हॉस्पिटल में जांच के दौरान किसी को कैंसर डायग्नोस हुआ। उसने सर्जरी करवा ली। बाद में पता चला कि उसे कैंसर था ही नहीं। कुछ वक्त पहले ऐसी ही एक घटना का जिक्र हॉलीवुड एक्ट्रेस लूसी लुइस ने किया था। 22 साल की उम्र में उनके ब्रेस्ट में एक गांठ मिली, जिसे कैंसर समझकर सर्जरी कर दी गई। बाद में पता चला कि वह कैंसरस गांठ नहीं थी। यह सब गलत डायग्नोसिस के कारण हुआ था। उस घटना के बाद से लूसी लोगों को जागरूक करने लगीं कि किसी भी गंभीर बीमारी में- इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज समझेंगे कि किसी मेडिकल डिसीजन से पहले सेकेंड ओपिनियन कितनी जरूरी है। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- सेकेंड ओपिनियन क्या है? जवाब- सेकेंड ओपिनियन का मतलब है, किसी बीमारी के इलाज से पहले डॉक्टर की राय लेने के बाद, दूसरे डॉक्टर से भी उसी मामले पर सलाह लेना। आमतौर पर सेकेंड ओपिनियन तब ली जाती है, जब- सवाल- हर बड़े मेडिकल फैसले से पहले सेकेंड ओपिनियन लेना क्यों जरूरी है? जवाब- किसी भी बड़े मेडिकल डिसीजन से पहले सेकेंड ओपिनियन इसलिए जरूरी है, क्योंकि- सवाल- सेकेंड ओपिनियन न लेने से किस तरह के संभावित रिस्क हो सकते हैं? जवाब- इसके कारण कई रिस्क हो सकते हैं। डिटेल ग्राफिक में देखिए- सवाल- दुनिया और भारत में मिसडायग्नोसिस कितना कॉमन है? जवाब- देश और दुनिया, दोनों के संदर्भ में यह काफी कॉमन है। जैसेकि– दुनिया में भारत में सवाल- किन बीमारियों में मिसडायग्नोसिस का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- कुछ बीमारियों में लक्षण एक जैसे या अस्पष्ट होते हैं। इसलिए उनमें मिसडायग्नोसिस का रिस्क ज्यादा होता है- सवाल- किन मामलों में सेकेंड ओपिनियन जरूर लेनी चाहिए? जवाब- कुछ परिस्थितियाें में सेकेंड ओपिनियन लेना बहुत जरूरी होता है, ताकि सही ट्रीटमेंट और डिसीजन लिया जा सके। जैसकि– सवाल- किसी बड़े मेडिकल फैसले से पहले डॉक्टर से क्या सवाल पूछने चाहिए? जवाब- किसी बड़े मेडिकल डिसीजन से पहले डॉक्टर से सही सवाल पूछना बहुत जरूरी होता है, ताकि आप समझदारी से निर्णय ले सकें। सारे अहम सवाल नीचे ग्राफिक में देखें- सवाल- किन स्थितियों में सेकेंड ओपिनियन की जरूरत नहीं है? जवाब- कुछ स्थितियां ऐसी होती हैं, जहां सेकेंड ओपिनियन की जरूरत नहीं पड़ती। जैसेकि- सवाल- इमरजेंसी में भी क्या बेसिक सवाल पूछे जा सकते हैं? जवाब- हां, इमरजेंसी में भी कुछ बेसिक और जरूरी सवाल संक्षेप में पूछे जा सकते हैं- सेकेंड ओपिनियन से जुड़े कुछ कॉमन सवाल-जवाब सवाल- सेकेंड ओपिनियन लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें- सवाल- क्या सेकेंड ओपिनियन लेने से इलाज में देरी हो सकती है? जवाब- कई बार लोगों को लगता है कि सेकेंड ओपिनियन लेने में समय बर्बाद होगा, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। सवाल- क्या सेकेंड ओपिनियन लेना डॉक्टर पर अविश्वास दिखाता है? जवाब- नहीं, सेकेंड ओपिनियन लेना बिल्कुल सामान्य और प्रोफेशनल प्रक्रिया है। सवाल- क्या ऑनलाइन सेकेंड ओपिनियन लेना सुरक्षित है? जवाब- सेकेंड ओपिनियन ऑनलाइन भी ली जा सकती है, लेकिन ध्यान रखें कि- ……………………. फिजिकल हेल्थ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- डिप्थीरिया से 2 बच्चों की मौत:इन 6 लक्षणों को इग्नोर न करें, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, बच्चों को वैक्सिन जरूर लगवाएं बीते दिनों महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव से डिप्थीरिया (गलघोंटू) के तीन मामले सामने आए। इनमें छह महीने और 11 साल के दो बच्चों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीनों बच्चों को डिप्थीरिया के टीके नहीं लगे थे। डिप्थीरिया एक संक्रामक बैक्टीरियल इन्फेक्शन है, जो मुख्य रूप से गले और रेस्पिरेटरी सिस्टम को प्रभावित करता है। पूरी खबर पढ़ें…

Source: Lifestyle