आपका पैसा- ITR फाइल करने के बाद e-वेरिफिकेशन जरूरी:एक्सपर्ट से जानें स्टेप-बाय-स्टेप पूरा प्रोसेस, इन 5 कॉमन गलतियों से बचें
हर साल करोड़ों लोग आखिरी तारीख से पहले अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते हैं। रिटर्न सबमिट होते ही उन्हें लगता है कि अब उनका काम पूरा हो गया है। अब बस रिफंड का इंतजार करना है। लेकिन यहीं कई लोग एक जरूरी स्टेप छोड़ देते हैं, वह है- ITR का e-वेरिफिकेशन। यह टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया का ऐसा हिस्सा है, जिसके बिना आयकर विभाग रिटर्न प्रोसेस नहीं करता। ऐसे में रिटर्न मिलने में देरी हो सकती है। तय समय सीमा के भीतर e-वेरिफिकेशन न होने पर आयकर विभाग रिटर्न को इनवैलिड भी मान सकता है। यह एक ऑनलाइन प्रोसेस है, जिसे कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकता है। इसलिए आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में e-वेरिफिकेशन प्रोसेस के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: सीए अमर जैन, फाउंडर– चार्टर्ड अकाउंटेंट कंपनी ‘टैक्स प्रोवाइजर’ इंदौर सवाल- ITR e-वेरिफिकेशन क्या होता है? जवाब- ITR e-वेरिफिकेशन एक ऑनलाइन प्रोसेस है। इसके जरिए ITR फाइल करने के बाद यह पुष्टि की जाती है कि रिटर्न टैक्सपेयर ने ही फाइल किया है, जिसके बाद रिटर्न का ऑनलाइन वेरिफिकेशन पूरा हो जाता है। सवाल- ITR e-वेरिफिकेशन क्यों जरूरी है? जवाब- e-वेरिफिकेशन के बिना ITR फाइलिंग प्रोसेस पूरी नहीं मानी जाती है। जब तक रिटर्न e-वेरिफाई नहीं होता, आयकर विभाग उसे प्रोसेस नहीं करता। ऐसे में रिफंड, टैक्स असेसमेंट और अन्य संबंधित प्रक्रियाएं भी आगे नहीं बढ़तीं। सवाल- ITR फाइल करने के कितने दिन के भीतर e-वेरिफिकेशन करना जरूरी है? जवाब- ITR फाइल करने की तारीख से 30 दिनों के भीतर उसका e-वेरिफिकेशन करना जरूरी है। सवाल- ITR e-वेरिफिकेशन कैसे किया जाता है? जवाब- इसके कई तरीके हैं। ग्राफिक में सभी तरीके देखिए- आइए, अब ITR e-वेरिफिकेशन के इन तरीकों को विस्तार से समझते हैं- आधार OTP से नेट बैंकिंग से बैंक अकाउंट से डीमैट अकाउंट से डिजिटल सिग्नेचर (DSC) से बैंक ATM से EVC सवाल- ITR e-वेरिफिकेशन के लिए कौन-सी चीजें जरूरी हैं? जवाब- e-वेरिफिकेशन शुरू करने से पहले ये जरूरी चीजें तैयार रखें, जैसे- आधार OTP: PAN का आधार से लिंक होना जरूरी है। e-Filing पोर्टल: यूजर आईडी और पासवर्ड होना चाहिए। एक्नॉलेजमेंट नंबर: ITR का एक्नॉलेजमेंट नंबर होना चाहिए। बैंक/डीमैट EVC: अकाउंट प्री-वैलिडेटेड और EVC इनेबल्ड होना चाहिए। नेट बैंकिंग: बैंक खाते में नेट बैंकिंग सुविधा एक्टिव होनी चाहिए। DSC: ऑनलाइन डॉक्यूमेंट्स पर डिजिटल साइन करने के लिए वैध डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) और उसे इस्तेमाल करने के लिए ‘emSigner’ सॉफ्टवेयर इंस्टॉल होना चाहिए। सवाल- अगर e-वेरिफिकेशन फेल हो जाए तो क्या करें? जवाब- e-वेरिफिकेशन के दौरान तकनीकी या अन्य कारणों से दिक्कत आ सकती है। ऐसी स्थिति में ये कदम उठाएं- सवाल- e-वेरिफिकेशन के बाद ITR स्टेटस कैसे चेक करें? जवाब- e-वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद इनकम टैक्स ‘e-Filing’ पोर्टल पर जाकर ITR का स्टेटस देख सकते हैं। इसके लिए ये स्टेप्स फॉलो करें- सवाल- e-वेरिफिकेशन करते समय कौन-सी गलतियां होती हैं? जवाब- इस दौरान की गई छोटी-सी गलती भी ITR की प्रोसेसिंग में देरी या परेशानी का कारण बन सकती है। ग्राफिक में देखिए, किन गलतियों से बचना चाहिए- सवाल- क्या आपकी ओर से कोई दूसरा व्यक्ति ITR e- वेरिफाई कर सकता है? जवाब- आमतौर पर ITR का e-वेरिफिकेशन टैक्सपेयर को ही करना होता है, क्योंकि इसमें आधार OTP, EVC, नेट बैंकिंग या डिजिटल सिग्नेचर जैसी सेंसिटिव डिटेल्स का इस्तेमाल होता है। हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में अधिकृत प्रतिनिधि या कानूनी प्रतिनिधि टैक्सपेयर की ओर से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। जैसेकि- करदाता की मृत्यु हो गई हो। वह मानसिक रूप से सक्षम न हो। कानून के तहत कोई अन्य विशेष स्थिति हो। ITR e-वेरिफिकेशन से जुड़े कुछ कॉमन सवाल-जवाब सवाल- क्या e-वेरिफिकेशन के बाद ITR में बदलाव किया जा सकता है? जवाब- हां, अगर e-वेरिफिकेशन के बाद किसी जानकारी में गलती पता चलती है तो नियमों के अनुसार अपडेटेड रिटर्न या अन्य उपलब्ध प्रावधानों के तहत नया रिटर्न दाखिल किया जा सकता है। सवाल- e-वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद क्या कोई रसीद मिलती है? जवाब- हां, इसके बाद स्क्रीन पर सक्सेस मैसेज और ट्रांजैक्शन आईडी दिखाई देती है। इसकी जानकारी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर भी भेजी जाती है। सवाल- क्या एक से ज्यादा बार e-वेरिफिकेशन किया जा सकता है? जवाब- नहीं, एक बार ITR का e-वेरिफिकेशन सफल हो जाने के बाद उसी रिटर्न का दोबारा वेरीफाई करने की जरूरत नहीं है। सवाल- क्या e-वेरिफिकेशन के लिए कोई शुल्क देना पड़ता है? जवाब- नहीं, आयकर विभाग इसके लिए कोई शुल्क नहीं लेता। सवाल- क्या मोबाइल से भी ITR e-वेरिफिकेशन किया जा सकता है? जवाब- हां, इनकम टैक्स ‘e-Filing’ पोर्टल को मोबाइल ब्राउजर के जरिए खोलकर भी e-वेरिफिकेशन किया जा सकता है। ……………………………………………. ये खबर भी पढ़ें… आपका पैसा- बिना फॉर्म 16 भी भर सकते हैं ITR:ये 10 डॉक्यूमेंट्स रखें तैयार, जानें फाइल करने का पूरा प्रोसेस, 8 गलतियां न करें इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वेतनभोगी और सामान्य टैक्सपेयर्स के लिए ITR भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। ज्यादातर नौकरीपेशा लोग फॉर्म 16 के जरिए रिटर्न फाइल करते हैं। इसमें सैलरी, TDS, टैक्स छूट और टैक्सेबल इनकम जैसी सारी जरूरी जानकारी एक जगह मिल जाती है। हालांकि, कई बार यह देर से मिलता है और कुछ लोगों को तो मिलता ही नहीं। पूरी खबर पढ़ें…
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