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जरूरत की खबर- रात में ईयरबड्स लगाकर न सोएं:इन्फेक्शन और हियरिंग लॉस का रिस्क, रात में नींद नहीं आती तो अपनाएं ये 10 तरीके

फर्ज कीजिए, रात के 11 बजे हैं। आप बिस्तर पर लेटे हैं, लेकिन नींद नहीं आ रही। ऐसे में आप ईयरबड्स, ईयरफोन, नेकबैंड या हेडफोन लगाते हैं, पसंदीदा गाने या पॉडकास्ट चलाते हैं और कुछ ही देर में सो जाते हैं। अगले दिन भी यही होता है। फिर धीरे-धीरे यह आपकी रोज की आदत बन जाती है। अब हालत यह है कि ईयरबड्स के बिना नींद ही नहीं आती। सुनने में यह आदत आरामदायक लग सकती है। लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पूरी रात ईयरफोन लगाए रखने से कानों से जुड़ी कई प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। इसके अलावा कुछ लोगों में यह आदत नींद की नेचुरल प्रोसेस को भी प्रभावित कर सकती है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में ईयरबड्स लगाकर सोने के नुकसान पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. दीपांशु गुरनानी, सीनियर कंसल्टेंट- ENT, हेड एंड नेक सर्जरी, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- लोग ईयरबड्स लगाकर क्यों सोते हैं? जवाब- लोग आमतौर पर इन वजहों से ईयरबड्स लगाकर सोते हैं- सवाल- क्या ईयरबड्स लगाकर सोने से नींद जल्दी आती है? जवाब- कुछ लोगों को धीमा और सुकून देने वाला ऑडियो सुनने से रिलैक्स होने और नींद आने में मदद मिल सकती है। लेकिन हर व्यक्ति को इससे जल्दी नींद आए, ऐसा जरूरी नहीं है। सवाल- ईयरबड्स लगाकर सोने से ब्रेन पर क्या असर होता है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- ईयरबड्स लगाकर सोने के संभावित नुकसान क्या हैं? जवाब- कभी-कभार धीमी आवाज में थोड़ी देर तक सुनने से आमतौर पर रिस्क नहीं होता। लेकिन रात भर ईयरबड्स लगाकर सोने से कान से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। सभी रिस्क ग्राफिक में देखिए- अब इन पॉइंट्स को विस्तार से समझिए- 1. कान पर लगातार प्रेशर 2. वैक्स जमा होना 3. इन्फेक्शन 4. खुजली 5. दर्द और जलन 6. सुनने की क्षमता पर असर 7. खराब स्लीप क्वालिटी सवाल- कैसे जानें कि ईयरबड्स कानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं? जवाब- कुछ असामान्य लक्षण कानों को नुकसान पहुंचने के संकेत हो सकते हैं, जैसेकि- सवाल- ईयरबड्स लगाकर सोना किन लोगों के लिए ज्यादा रिस्की है? जवाब- तेज आवाज में देर तक ईयरबड्स लगाकर साउंड सुनना हर किसी के लिए रिस्की है। लेकिन कुछ लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। ग्राफिक में देखिए- सवाल- कानों के लिए कितनी आवाज सुरक्षित मानी जाती है? जवाब- ‘हियरिंग हेल्थ फाउंडेशन’ के मुताबिक, 70 डेसिबल (dB) या उससे कम की आवाज आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है। ईयरबड्स में आवाज अधिकतम वॉल्यूम की 50-60% तक रखना बेहतर है। यानी आवाज इतनी हो कि आसपास का व्यक्ति सामान्य आवाज में बात करे, तो उसकी आवाज आपको सुनाई देती रहे। सवाल- अगर ईयरबड्स लगाकर सोने की आदत है, तो नुकसान से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतें? जवाब- कानों की सुरक्षा के लिए ग्राफिक में दी गई कुछ बातों का खास ध्यान रखें- सवाल- ईयरबड्स के बिना सोने की आदत कैसे डालें? जवाब- अगर ईयरबड्स के बिना नींद नहीं आती, तो धीरे-धीरे इसकी आदत बदलें। ग्राफिक में इसके आसान तरीके देखिए- सवाल- दूसरों के ईयरबड्स यूज करने के क्या नुकसान हैं? जवाब- इससे कान में मौजूद वैक्स, पसीना और बैक्टीरिया एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंच सकते हैं। इससे कान में इन्फेक्शन, खुजली और जलन का रिस्क होता है। इसलिए ईयरबड्स शेयर करने से बचें। सवाल- सोते समय संगीत या आवाज सुनने के लिए कौन-से विकल्प सुरक्षित हैं? जवाब- अगर बिना म्यूजिक के नींद नहीं आती तो ईयरबड्स की जगह ये विकल्प अपना सकते हैं- इनकी आवाज हमेशा धीमी रखें और स्लीप टाइमर का इस्तेमाल करें। **************** ग्राफिक्स- महेंद्र वर्मा …………………. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- क्या बॉडी बनाने के लिए क्रिएटिन जरूरी: डॉक्टर से जानें क्या है ये सप्लीमेंट, इसके फायदे-नुकसान और 5 सावधानियां जिम जाने वाले युवाओं में मसल्स बनाने और वर्कआउट की क्षमता बढ़ाने के लिए क्रिएटिन सप्लीमेंट काफी लोकप्रिय है। लेकिन सवाल ये है कि क्या इसे लेने से सच में मसल्स और ताकत बढ़ती है? क्या इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं? पूरी खबर पढ़िए…

Source: Lifestyle

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