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सूर्य स्त्रोत पढ़ने से मिलता है धन वैभव, पढ़ें पूरा स्त्रोत और सूर्य चालीसा

विकर्तनो विवस्वांश्च मार्तण्डो भास्करो रविः।लोक प्रकाशकः श्री मांल्लोक चक्षुर्मुहेश्वरः॥लोकसाक्षी त्रिलोकेशः कर्ता हर्ता तमिस्रहा।तपनस्तापनश्चैव शुचिः सप्ताश्ववाहनः॥गभस्तिहस्तो…